15 August Kyu Manaya Jata Hai 2022 | 15 अगस्त क्यों मनाया जाता है?

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15 August Kyu Manaya Jata Hai 2022 | 15 अगस्त क्यों मनाया जाता है? | 15 अगस्त 1947 को कौन दिन था | 15 अगस्त 1947 का इतिहास

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से 15 August Kyu Manaya Jata Hai | 15 अगस्त क्यों मनाया जाता है? के बारे में बताने वाले है। तो आप इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें। आपको हम 15 August Kyu Manaya Jata Hai in Hindi के बारे में पूरी जानकारी देने वाले है।

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15 August Kyu Manaya Jata Hai 2022 | 15 अगस्त क्यों मनाया जाता है?

तो दोस्तों चलिए आज जानते है की आखिर 15 August Kyu Manaya Jata Hai? इसके लिए हमे इतिहास में थोड़ा पीछे जाना होगा। देश की आजादी और विभाजन के समय लुईस माउंटबेटन देश के वायसराय और बाद में यही भारत के पहले गवर्नर जनरल बने थे।

15 August Kyu Manaya Jata Hai

माउंटबेटन ने भारत को सत्ता-हस्तांतरण के लिए 15 अगस्त की तारीख चुनी। भारत को आजादी 15 अगस्त, 1947 को मिली। इस दिन पूरे देश में उत्साह और जश्न का माहौल होता है। और भारत के प्रधानमंत्री लाल किला पर तिरंगा फहराते हैं। चलिए जानते पूरी डेटल में।

15 August Kyu Manaya Jata Hai ?

आप पढ़ रहे है 15 August Kyu Manaya Jata Hai? इस दिन हर भारतीय उत्साह से भरा हुआ नजर आता है और पूरा देश देशभक्ति की भावना में सराबोर रहता है। यह दिन भारत का राष्ट्रीय पर्व है। इस दिन सभी राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय सरकार के कार्यालय, बैंक, पोस्ट ऑफिस, बाजार, दुकानें, व्यापार, संस्थान आदि बंद रहते है। हालांकि, सार्वजनिक परिवहन बिल्कुल प्रभावित नहीं होता है।

इसे बहुत उत्साह के साथ भारत की राजधानी दिल्ली में मनाया जाता है जबकि स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक समुदाय तथा समाज सहित दूसरे शिक्षण संस्थानों में भी मनाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 1947 से पहले 26 जनवरी को भारतीय स्वतंत्रता दिवस के रूप में घोषित किया गया था। आइए जानते हैं फिर 15 अगस्त को कैसे मनाया जाने लगा स्वतंत्रता दिवस।

15 अगस्त क्यों मनाया जाता है?

आइये जानते है 15 August Kyu Manaya Jata Hai? दरअसल, 1930 से लेकर 1947 तक 26 जनवरी के दिन भारत में स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाात था। इसका फैसला साल 1929 में हुई भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन में हुआ था।

जो लाहौर में हुई थी। इस अधिवेशन में भारत ने पूर्ण स्वराज की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद सविनय अवज्ञा आंदोलन के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा भारतीय नागरिकों से निवेदन किया गया था साथ ही साथ भारत के पूर्ण स्वतंत्रता तक आदेशों का पालन समय से करने के लिए भी कहा गया।

लाॉर्ड माउंटबेटन को क्या मिला था निर्देश

लॉर्ड माउंटबेटन को भारत की आजादी को अमली जामा पहुंचाने के लिए वाइसराय के रूप में भेजा गया था। ब्रिटिश पार्लियामेंट से लॉर्ड माउंटबेटन को निर्देश मिला था कि वह भारत को सत्ता का हस्तातंरण 30 जून 1948 को किए जाने की घोषणा करें। लेकिन इसी बीच कुछ ऐसा हुआ कि उन्हें 15 अगस्त 1947 को ही भारत को आजाद किए जाने का निर्णय लेना पड़ा। अभी तक आप समझ गए होंगे की 15 August Kyu Manaya Jata Hai?.

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15 अगस्त 1947 का इतिहास

15 August Kyu Manaya Jata Hai? ब्रिटिश संसद ने लॉर्ड माउंटबेटन (Lord Mountbatten) को 30 जून 1948 तक भारत की सत्‍ता भारतीय लोगों को ट्रांसफर करने का अधिकार दिया था। लॉर्ड माउंटबेटन को साल 1947 में भारत के आखिरी वायसराय के तौर पर नियुक्त किया गया था। जिसके बाद माउंटबेटन ने ही भारत की आजादी के लिए 15 अगस्त की तारीख चुनी थी। दोस्तों आपको बता की 15 अगस्त 1947 को शुक्रवार का दिन था

15 अगस्त 1947 का महत्व

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1947 में ब्रिटिश सरकार आश्वस्त हो चुकी थी कि वो लंबे समय तक भारत को अपनी शक्ति नहीं दिखा सकती। भारतीय स्वतंत्रता सेनानी लगातार लड़ रहे थे और तब अंग्रेजों ने भारत को मुक्त करने का फैसला किया। भारत की आजादी और विभाजन के समय लुईस माउंटबेटन देश के वायसराय और बाद में भारत के पहले गवर्नर जनरल बने थे। माउंटबेटन ही वो शख्स थे जिसने भारत को सत्ता-हस्तांतरण के लिए 15 अगस्त की तारीख चुनी थी।

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कुछ इतिहासकारों का यह भी मत है

वहीं, 15 August को लेकर कुछ इतिहासकारों का यह भी मानना है कि सी राजगोपालाचारी के सुझाव पर ही माउंटबेटन ने इस तारीख को चुना था। सी राजगोपालाचारी का मानना था कि अगर 30 जून 1948 तक इंतजार किया गया तो हस्तांतरित करने के लिए कोई सत्ता शेष नहीं बचेगी।

इसलिए इसे देखते हुए भारत के अंतिम वायसराय माउंटबेटन ने 15 अगस्त के दिन को भारत की आजादी के रूप में चुना। वहीं कुछ इतिहासकारों का यह भी मानना है कि वे 15 तारीख को शुभ मानते थे जिसके लिए उन्होंने भारत की आजादी के लिए 15 अगस्त का चुनाव किया। आजादी की तारीख 15 अगस्त चुने जाने पर सभी के अपने अलग-अलग मत हैं।

सी. राजगोपालाचारी ने डाला दबाव

15 August Kyu Manaya Jata Hai? इस दी को लेकर कुछ इतिहासकारों का यह भी मानना है कि भारत के अंतिम गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी ने लॉर्ड माइंटबेटन पर 15 अगस्त, 1947 को भारत की आजादी की घोषणा करने के लिए उनपर दबाव डाले थे। सी. राजगोपालाचारी ने कहा कि 1948 तक ऐसी परिस्थितियां बन जाएंगी कि सत्ता का हस्तातंरण मुश्किल हो जाएगा।

जिसके बाद ब्रिटिश शासकों को इस पर विचार करना पड़ा। तथा लॉर्ड माउंटबेटन को 15 अगस्त, 1947 को देश की आजादी की घोषणा करनी पड़ी। ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स में 4 जुलाई 1947 को इंडियन इंडिपेंडेस बिल लाया गया। इस बिल में भारत को दो हिस्से में विभाजित कर एक नया देश पाकिस्तान बनाने का प्रस्ताव था। और यह बिल ब्रिटिश संसद में 18 जुलाई, 1947 को स्वीकृत हुआ तथा इसके साथ ही 15 अगस्त की आधी रात को देश की आजादी की घोषणा की गई।

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14 अगस्‍त 1947 की मध्‍य रात्रि को भारत आजाद हुआ

देश की आजादी को लेकर अगस्‍त 1942 में गांधी जी ने ”भारत छोड़ो आंदोलन” की शुरूआत की। और अंग्रेजों को भारत छोड़ कर जाने के लिए विवश होना पड़े। इसके लिए एक सामूहिक नागरिक अवज्ञा आंदोलन ”करो या मरो” आरंभ करने का निर्णय लिया।

महात्मा गांधी के अथक प्रयासों के बाद आखिरकार अंग्रेजों को उनके सामने झुकना पड़ा और भारत आजादी की ओर बढ़ चला। तब जाकर दिन शुक्रवार 14 अगस्‍त 1947 की मध्‍य रात्रि को भारत आजाद हुआ। तब से हर वर्ष भारत में 15 अगस्‍त को स्‍वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। आप पढ़ रहे है 15 August Kyu Manaya Jata Hai?

ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमंस में पेश किया गया था बिल

भारत के आजादी को लेकर जब अंग्रेजों के घोषणा के बाद ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमंस में 4 जुलाई 1947 को इंडियन इंडिपेंडेंस बिल को पेश किया गया। तो इस बिल में भारत के बंटवारे और पाकिस्तान को अलग मुल्क बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था।

यह बिल 18 जुलाई 1947 को स्वीकारा गया और 14 अगस्त को बंटवारे के बाद 15 अगस्त 1947 को मध्यरात्रि 12 बजे भारत की आजादी की घोषणा की गई। अब आप अच्छे से समझ गए होंगे की 15 August Kyu Manaya Jata Hai. पंडित जवाहर लाल नेहरू स्‍वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री बने और 1964 तक उनका कार्यकाल जारी रहा।

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15 August Kyu Manaya Jata Hai | 15 अगस्त क्यों मनाया जाता है?

वहीं लैरी कॉलिंग और डोमिनिक लैपियर ने अपनी किताब “फ्रीडम एट मिडनाइट” में माउंटबेटन द्वारा इस तारीख को चुनने की असली वजह बतायी है। किताब में माउंटबेटन द्वारा कहा गया हैं, “ये दिन यानि 15 अगस्‍त को मैंने यूं ही चुन लिया था। इसे मैंने एक सवाल के जवाब के तौर पर चुना लिया था।

मैं लोगो को दिखाना चाहता था कि सब कुछ मेरे काबू में है। जब मुझसे पूछा गया कि क्या कोई तारीख तय की गई है तो मुझे पता था कि ये जल्दी होना चाहिए। तब तक मैंने सब कुछ तय नहीं किया था लेकिन मुझे लगा कि ये अगस्त या सितंबर हो सकता है और फिर मैंने 15 अगस्त की तारीख तय कर दी।

15 August Kyu Manaya Jata Hai 2022

माउंटबेटन ने बताये की ये वर्ष जापान के आत्मसमर्पण की दूसरी बरसी थी। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान 15 अगस्त 1945 को जापान के राजा हिरोहितो ने आत्मसमर्पण कर दिया था। आपको बता दे की जापान के राजा ने इस दिन एक रेडियो पर जापान के आत्मसमर्पण की घोषणा की थी। वे नहीं चाहते थे की जापान पर फिर एक परमाणु बम गिरे इसलिए जापान ने ब्रिटेन, अमेरिका और रूस इत्यादि देशों की एलाइज फोर्सेज के आगे आत्मसमर्पण किया था।

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